दोस्त
दोस्त जीवन में जैसे चिराग होते हैं |
ठंडी रातों में जैसे गर्म आग होते हैं
||
बिना दोस्त जीवन लगे सूना – सूना |
दोस्त सुहागिन का जैसे सुहाग होते हैं
||
नीरस रंगहीन जीवन की पगडंडियों पर |
दोस्त रंगीन खिलखिलाता फाग होते हैं ||
जीवन का रूप रंग खुशबू सब इनसे |
दोस्त फूलों में जैसे पराग होते हैं ||
इन्हें परखिये मत बस प्यार कीजिये |
दोस्त जीवन का उजला विहाग होते हैं ||
बिना इनके जीवन बेसुर सा लगे दर्द |
दोस्त जीवन का सुर-लय-राग होते हैं ||
अशोक दर्द
No comments:
Post a Comment