सोहन का तबादला दूर गांव के हाई स्कूल में हो गया |शहर की
आबो –हवा छूटने लगी
|पत्नी ने सुझाव दिया,कल हमारे मोहल्ले में नये बने शिक्षा मंत्री प्रधान जी के
यहाँ आ रहे हैं | क्यों न माताजी को उनके सामने ला उनसे ,मंत्री जी से तबादला
रोकने की प्रार्थना करवाई जाये | शायद बूढ़ी माँ को देख मंत्री जी पिघल जाएँ और
तबादला रद्द करवा दें | सोहन को सुझाव अच्छा लगा |वह शाम को ही गाँव रवाना हो गया
और बूढ़ी माँ को गाड़ी में बैठा सुबह मंत्री जी के पहुंचने से पहले ही प्रधान जी के
घर पहुँच गया |ठीक समय पर अपने लाव –लश्कर के साथ मंत्री जी पहुँच गये | लोगों ने अपनी –अपनी समस्याओं को
लेकर कई प्रार्थना –पत्र मंत्री महोदय को दिए | इसी बीच समय पाकर सोहन ने भी अपनी बूढ़ी माँ
प्रार्थना –पत्र लेकर मंत्री जी के सम्मुख खड़ी कर दी | कंपती-कंपाती बूढ़ी माँ के हाथ के
प्रार्थना –पत्र को मंत्री जी ने स्वयं लेते हुए कहा –बोलो माई क्या सेवा कर सकता हूँ |तब बूढ़ी माँ बोली –साहब मेरे बेटे की
मेरे खातिर बदली मत करो ,इसके चले जाने से इस बूढ़ी की देखभाल कौन करेगा |शब्द इतने
कातर थे कि मंत्री जी अंदर तक पिघल गये |बोले –ठीक है माई ,आपके लिए आपके बेटे की बदली रद्द कर दी गई
|उन्होंने साथ आये उपनिदेशक महोदय को कैम्प आर्डर बनाने को कहा |कुछ ही देर में
तबादला रद्द होने के आर्डर सोहन के हाथ में थे | सोहन और बूढ़ी माँ मंत्री जी का
धन्यवाद करते हुए घर आ गये |शाम की गाड़ी में सोहन ने बूढ़ी माँ गांव भेज दी | अब
पत्नी भी खुश थी और सोहन भी ,उनका आजमाया हथियार चल गया था ..
अशोक दर्द
No comments:
Post a Comment