Wednesday, January 29, 2014

गीत मुहब्बत के


गीत मोहब्बत के ग़मों में गाना तुम |
दर्द छुपाकर महफ़िल  में मुस्काना तुम ||
         
दुनिया कैसे उंगली पे नचाती है |
अपने दिल के राज जरा बतलाना तुम ||

यह मत सोच कि सुनकर दुनिया रो देगी |
यारों से भी दिल के राज छुपाना तुम ||

आ बैठेंगे दिल की शाखों पे बिछुड़े |
मीठी यादों का दाना उनको पाना तुम ||

होकर दिल बेकाबू गजलें कह देगा |
थोड़ा-थोड़ा दिल को बस उकसाना तुम ||

पर्वत झुक कर कदमों पे आ जायेंगे |
हिम्मत से बस थोड़े कदम उठाना तुम ||

 बंजर में भी सोना बस उग आएगा |
कोई दरिया खेतों तक पहुँचाना तुम ||

प्यार मोहब्बत रिश्ते आज बिकाऊ हैं |
सोचसमझ कर दिल को जरा लगाना तुम ||

मन का सारा अँधियारा मिट जायेगा |
रहबर के चरणों में शीश नवाना तुम ||

दौड़े आयेंगे वो खुद लाज बचाने को |
दिल की गहराईयों से उन्हें बुलाना तुम ||
                                                                               
                                                       अशोक दर्द

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